शुक्रवार, 28 मई 2010

एक सवाल


चार,पांच साल पहले मैने , विक्रम सेठ द्वारा रचित एक किताब पढ़ी थी Suitable Boy. जिसे 1994 में common wealth writers prize मिला था .यह 1500 पेज की लम्बी सी किताब है.बिलकुल एक ग्रन्थ के समान. BBC से इसका रेडियो नाट्य रूपांतरण भी प्रसारित हो चुका है. जिसमे लता के चरित्र को आवाज दी थी.प्रसिद्द कलाकार 'आयेशा धारकर ने (जिन्होंने संतोष सिवान की फिल्म The Terrorist में मुख्य भूमिका निभाई थी.)

इस उपन्यास में , स्वतंत्रता के बाद के राजनीतिक और सामाजिक स्थिति का वर्णन है.कहानी 1950 के आस- पास की है. इसमें उत्तर प्रदेश के जमींदारी उन्मूलन का बहुत विस्तार से वर्णन है. भारत के पहले चुनाव का भी पूरा वर्णन है.उपन्यास, मेहरा परिवार के इर्द गिर्द घूमता है. मिसेज मेहरा एक विधवा औरत हैं.और अपनी बेटी लता के लिए एक suitable boy की तलाश में हैं. लता कॉलेज के एक सहपाठी से प्यार करती थी. उसके साथ भाग जाने को भी तैयार हो गयी. पर लड़के ने उसे समझाया..कि अभी पढ़ रहें हैं..कहाँ जाएंगे...क्या कमाएंगे.और वह लता को हर वापस जाने की सलाह देता है.

उसके बाद वह कलकत्ता अपने भाई के पास चली जाती है. भाई बड़ी कंपनी में अफसर है और उन्होंने एक बड़े घर की लड़की से प्रेम विवाह किया है. कलकता के उच्च वर्ग के जीवन शैली की अच्छी झलक दिखाई है. लता की भाभी का भाई, एक बड़ा लेखक है, बहुत सारे अवार्ड्स मिले हैं उसे.अक्सर विदेशी दौरों पर कॉन्फ्रेंस के लिए जाता है. बुद्धिजीवी सुरुचिपूर्ण व्यक्तित्व का मालिक. देखने में भी सौम्य और प्रभावशाली व्यक्तित्व है, उसका. भाभी के घर वाले चाहते हैं,लता की शादी उस से हो जाए.लता को भी उसका साथ पसंद है,दोनों कविताओं...कहानियों किताबों की चर्चा करते हैं. पर उनके बीच कोई स्पार्क नहीं है.

तीसरा लड़का उसकी माँ को किसी मैरेज ब्यूरो द्वारा बताया गया है.. उसकी एक छोटी सी जूतों की फैक्ट्री है. उसके तौर-तरीके सुरुचिपूर्ण नहीं है. जब ये लोग उस से मिलने जाते हैं तो पाते हैं,उसे टेबल मैनर्स नहीं है. उसने भड़कीले कपड़े पहने होते हैं.पर वो कर्मठ है.और पूरे समय उनसे जूतों,चमड़े आदि की ही बातें किया करता है.

इधर लता के कॉलेज के प्रेमी के भी ख़त आने लगते हैं. अब पढाई पूरी कर के वह अच्छी नौकरी में है और लता के सामने, शादी का प्रस्ताव रखता है. घर वालों की अनुमति के बगैर उसके साथ भाग कर शादी करने को भी तैयार है. लता उसके ख़त पढ़कर घंटों रोती है.   क्यूंकि वह उसके प्यार को भूली नहीं है.

जब से यह उपन्यास पढ़ा है...एक उलझन में हूँ कि लता ने उस लड़के को क्यूँ चुना ,शादी के लिए बाकी दूसरे को क्यूँ नहीं.?...उस पर कहीं से  कोई दबाव नहीं था.उसे अपनी इच्छा से अपने जीवन-साथी का चुनाव करना था. बहुत सोचा पर स्पष्ट नहीं हो पाता. सोचा अपने ब्लॉग जगत के साथियों से पूछना चाहिए.शायद वे कोई मदद कर सकें,इसे समझने में. पर यहाँ मैं यह रहस्य ही रख रही हूँ कि लता ने किसे चुना?...अब मेरी पाठकों से यह अपेक्षा है कि वे बताएं कि लता किस लड़के से शादी करती है? ...इसका जबाब मैं अगली पोस्ट में बता दूंगी. जिनलोगों ने ये किताब पढ़ रखी है वह व्याख्या कर सकते हैं कि लता ने उस लड़के को क्यूँ चुना,बाकी दोनों को क्यूँ नहीं.?? तोइन्तज़ार है आपकी प्रतिक्रियायों का,शायद मेरी उलझन सुलझ जाए

36 टिप्‍पणियां:

  1. I suppose Lata should opt for his college time lover B'coz rest of two doesn't match with her life style n more important, wid fist boy, Lata had a relation by heart, which is much important in Married life. Thats my Thinking. BUT i know Lata picked the Second boy, bcoz this is KALIYUG (Needless to say anything else)....

    जवाब देंहटाएं
  2. सवाल तो बहुत अच्छा है.... मेरे ख्याल से.... लता ने उस लड़के को इसलिए चुना.... क्यूंकि वो उसका पहला प्यार था.... कुछ भी हो जाए....चाहे कोई भी देश या संस्कार की लड़की हो.... लड़की हमेशा अपने पहले प्यार से ही शादी करना चाहती है.... बाकिओं से तो सिवाय कौम्प्रोमाइज़ के और कुछ नहीं रह जाता है.... इसलिए उसने अपने प्रेमी को ही चुना.... कुछ ऐसा ही लता के साथ भी हुआ होगा.....

    जवाब देंहटाएं
  3. सुनिए जी ,
    श्रीमती जी से पूछा है कि बताईये जी लता कौन वृक्ष से बंधना चाहेगी ....

    वो सीरीयल देखते देखते कहती हैं , लता अपनी भाभी के भाई से शादी करेगी । इस तरह जीवन में स्यापों की फ़्रीक्वेंसी बढेगी और आगे के एपिसोड अधिक रोमांचक होंगे । और आगे जाकर कहानी/उपन्यास में भाभी का रोल भी महत्वपूर्ण हो जाएगा आखिर लडाई भिडाई न हुई तो फ़िर हिट कैसा होगा जी सबकुछ ।

    अब यहीं बैठे हुए टिप्पणी भी करवा रही हैं , नहीं तो चुपके से अपना उत्तर भी दे देते , फ़िलहाल तो यही वाला रखिए ।

    जवाब देंहटाएं
  4. @ अजय जी,अपना उत्तर भी दे डालिए...दो कमेन्ट चलेंगे...और भाभी को नमस्ते कहिये..(भाभी जी नहीं कहा,छोटी होगी मुझसे )

    जवाब देंहटाएं
  5. मुझे तो लगता है कि बिजनेस माईंडेड कर्मठ के साथ उसने शादी की होगी...बाकी तो पूरा उपन्यास के कुछ अंश और लता की मानसिकता जानने के बाद ही सही सही अनुमान लगाया जा सकता है।

    जवाब देंहटाएं
  6. मैंने तो उपन्यास नहीं पढ़ा....लाता की शादी भाभी के भई से तय हुई होगी...तभी तो पहले प्रेमी की चिट्ठियां पढ़ कर रोती है....बाकी रश्मि ही बतायेंगी की क्या असलियत है...

    और क्यों का जवाब बिलकुल सीधा है की भाई - भाभी के साथ रहते हुए उसको वो माहौल पसंद आया होगा....सारी सुविधाएँ भी दिख रही होंगी....व्यक्तित्व तो था ही लडके का...

    जवाब देंहटाएं
  7. यह पुस्तक मेने नही पढी, ओर ना ही आप ने लता ओर उस के घर वालो के बारे ज्यादा लिखा, अगर तो मां कुछ अच्छॆ ख्यालो की होगी तो शादी करवाने से पहले लता से जरुर पुछेगी कि बेटी तुम क्या चाहती हो, ओर अगर उसे पालाने की खान दान की धोंस देगी तो.... ओर अगर भाभी ओर भाई मिल कर मां पर दबाब बनाते है तो... लेकिन लता शादी करेगी अपने प्रेमी से ही, यह मेरा दिल कहता है, उस की मां समझ दार होगी

    जवाब देंहटाएं
  8. राज जी, लता को पूरी छूट है,उस पर कोई दबाव नहीं है...माँ,भाई,भाभी किसी का भी नहीं....बस भाभी और उसके घर वालों की इच्छा है कि वह उसके भाई का चुनाव करे..पर चुनाव लता को ही करना है.

    जवाब देंहटाएं
  9. hmmmmmm........ :/ रश्मि मैने ये उपन्यास नहीं पढा अभी तक. पढने की इच्छा है. मुझे तो लगता है, कि उसकी शादी उसी जूते वाले व्यापारी लड़के से तय हो गई होगी, तभी तो रो रही थी. भाभी के भाई से तो उसका मानसिक तालमेल था, यदि वहां तय होती तो रोती नहीं. सही जवाब तो तुम ही दोगी.:)

    जवाब देंहटाएं
  10. प्रेमी महाराज की अच्छी नौकरी भी लग गई...फिर प्रॉब्लम क्या है...कहीं जात-पांत का चक्कर तो नहीं है...जिस दौर की ये कहानी है, उस वक्त तो ये और भी कड़ाई से माना जाता होगा...

    जय हिंद...

    जवाब देंहटाएं
  11. @ वंदना
    ओह!! लगता है मैने बड़ी जल्दबाजी में लिखा डाला (जो सही है) दरअसल...उसके प्यार को भूली नहीं है,इसलिए रोती है...उस पे कहीं से कोई दबाव नहीं है

    जवाब देंहटाएं
  12. मेरे ख्याल से आपके सवाल में ही जवाब छिपा है। जब आप इतनी कन्फ्यूज हैं तो शायद वो जूतों की फैक्ट्री करने वाला युवक ही होगा, जिसे लता ने अपने जीवनसाथी के रूप में चुना। ये युवक लता की माताजी का पसंद किया हुआ है। अपने कार्य के प्रति ईमानदार है। जिस तरह से नॉवेल लिखा गया होगा, शायद उस दौरान की सामाजिक परिस्थितियों के कारण लता को यह कदम उठाना पड़ा। ज्यादा बोल दिया हो तो क्षमाप्रार्थी हूं...

    जवाब देंहटाएं
  13. ह्म्म्म! मामला टेड़ा है। मेजोरिटी भाभी के भाई के साथ है तो अपुन भी मेजोरिटी के साथ्। बाकि तो और डिटेल्स पता हों तभी कहा जा सकता है

    जवाब देंहटाएं
  14. हम्म अब लता को किससे शादी करनी चाहिए ...ये तो कहना कठिन है क्योंकि सबकी अपनी सोच और पसंद होती है.हाँ उसने इस कहानी में किससे की ....? तो मुझे लगता है उस बिजनेसमेन से की होगी.
    वो इसलिए कि
    राईटर लोग हर किसी को पसंद नहीं होते :) थोड़े सेल्फ सेंटर्ड से होते हैं :) और वो भी फैमस और अवार्ड विन्निंग
    दूसरा कॉलेज का फ्रेंड - तो वो शायद पहले की बात हो गई ,लता को उस पर विश्वास नहीं रहा अब.
    तो बचा बिजनेसमेन - तो वो बेशक थोडा unsofesticated है , परन्तु अपने काम के प्रति जिम्मेदारी और निष्ठां झलकती है तो लता ने सोचा होगा कि .वो एक बेहतर पति साबित हो सकता है शायद...
    बाकी तो लता को जानकार ही कुछ कहा जा सकता है

    जवाब देंहटाएं
  15. लता ने हरेश को पसंद किया आखिरकार।
    उपन्यास जिसने भी पढ़ा होगा वो वह प्रसंग नहीं भूल सकता जब हरेश इंटरव्यू देने जाता है जूता कंपनी में। हिंदी में यह उपन्यास " एक भला सा लड़का" के नाम से उपलब्ध है। ये अलग बात है कि लड़की वालों को आज भी एक भला सा लड़का नहीं मिलते आसानी से न ही लड़के वालों को एक भली लड़की। ;)
    नीचे अंग्रेजी में कहीं से उधार लिए हुए शब्द लेकिन मुद्दे पर ही,

    why does Lata choose Haresh? We have of course the book’s own answers: Kabir is too passionate, indeed she herself is too passionate, and she decides that she doesn’t want passion: she wants the other type of love, the “calmer, less frantic love, which helps to grow where you were already growing…” (p.1420 – end of section 18.21). That’s what she explains to Malati, her confidente and fellow-student. She doesn’t want a love that will lift her off her feet and dispossess her of herself. “Haresh’s feet touch the ground; and he has dust, and sweat and a shadow. The other two ethereal are a bit too God-like and to be any good for me”, she says.

    Now that’s an important question, believe it or not. Today passion, or romantic love, is almost always considered as a transforming force which contains its own justification. One rushes headlong into it, trusting it to contain its own value and meaning. One yearns for and relishes the head-over-heels feeling it brings. Its craziness is considered rational and its childishness a maturing process. Cool-headedness sounds strange when speaking about love. When you are “in” love, goes the popular notion, you cannot do wrong, because somehow love contains its own morality, it is oriented towards the good and it humanizes its beneficiaries. The common belief is that one becomes a better person when one loves or has loved. I realize that there is a distinction to be made between love and passion, and that only passion might be considered dangerous: but who can really distinguish love and passion? Isn’t true love a passion, a dispossession, a loss of the drop of water which is your identity into an ocean of bliss?

    जवाब देंहटाएं
  16. किसी पुस्तक की ऐसी चर्चा करना बेहतरीन आइडिया है।

    जवाब देंहटाएं
  17. चूँकि बात कहानी की है इसलिए आराम से यही लगता है कि बिजनेस मैन से शादी की होगी. पहले प्रेमी का सच्चा प्यार छोड़ कर त्याग का टच भी आ जायेगा कहानी में, और भाभी के बताये रिश्ते को छोड़ भाभी से फ्यूचर ताने सुनने का भी..कह रहे थे तब नहीं मानी..अब भुगतो व्यापारी से शादी करने का अंजाम...

    डिसक्लेमर

    यह अंदाज टिपिकल हिन्दी कहानी के प्लाट पर आधारित है, कृप्या इसे मेरी सोच न निरुपित किया जाये.


    ---

    अगर दीगर तरह से बात की जाये तब तो जोड़ी उपर वाला बना कर भेजता है और अक्सर देखा गया है कि पति पत्नी की रुचियाँ एक सी नहीं होती: अतः साहित्यकार याने भाभी वाले कट.

    जिससे प्रथम प्यार होता है, अक्सर ही हासिल नहीं होता: कालेज वाला कट.

    बस रहा बेचारा अनकल्चर्ड जुझारु बिजनेसमैन-तो उससे होना चाहिये. मैनर्स वगैरह सिखाने में हल्की फुल्की झुड़क होगी, तो संबंध भी सुदृढ़ बनेंगे. :)


    --

    और अलग तरह से देखा जाये तो....


    अब जाने दिजिये..कौन सी अपनी शादी हो रही थी. अपना तो जो होना था वो बिना ऑप्शन हुआ न!! लेकिन हुआ बढ़िया!! :)

    जवाब देंहटाएं
  18. चलो जवाब पहले ही मिल गया.. वैसे भी अपना तुक्का हरेश ही था(अब विक्रम सेठ लिखेंगे तो कुछ तो ऐसा होगा जो औरों से हटके होगा.). है कि नहीं दी? :)

    जवाब देंहटाएं
  19. मैनें यह किताब नहीं पढी पर दो स्थितियाँ बनती है : पहली कि वह अपने पूर्व प्रेमी से शादी करेगी, क्योकि सर्वसुलभ मान्यता है कि कोई भी अपने पहले प्रेम से महरूम नही रहना चाहता. दूसरी स्थिति में वह जूते के व्यापारी से शादी करेगी क्योकि अगर वह पूर्व प्रेमी को भूलने के लिये तैयार है तो उसकी सोच व्यवसायिक हो चुकी है.

    जवाब देंहटाएं
  20. किताब तो चर्चित थी मगर पढ़ा नहीं -आप ही बतायें!नाटकीयता के लिहाज से तो पहले प्रेमी से विवाह संभव नहीं दिखता ! एंड ऑफ द स्टोरी !

    जवाब देंहटाएं
  21. लता ने किसे चुना ...
    प्रेमी के ख़त पढ़ कर रोती है ....से तो यही लग रहा है कि उससे विवाह नहीं हुआ
    ज्यादा सम्भावना भाभी के भाई की ही लग रही है ...!!

    जवाब देंहटाएं
  22. रश्मि मैंने यह उपन्यास नहीं पढ़ा फिर भी मेरी सोच से विवाह वह उस व्यापारी से ही करेगी क्योंकि पढ़ने के समय लिए गए निर्णय अपरिपक्व उम्र के होते हैं , उनके गंभीरता से सोचकर निर्णय नहीं लेते हैं बच्चे . जैसे की कहानी के सारांश जिसे तुमने बताया है तो उससे उसने व्यापारी लड़के से ही शादी करने का निर्णय लिया होगा. नो if नोbut .

    जवाब देंहटाएं
  23. चूंकि भाभी का भाई अक्सर विदेश दौरों पर रहता है, उच्च वर्ग से है तो उससे लता को शादी नहीं करनी चाहिये। वैचारिक समानता होने के बावजूद वो लता को समय नहीं दे पायेगा और कुछ उसमें अपनी सफलताओं का अहम भाव भी रहेगा। लता खुश नही रह पायेगी।

    सहपाठी प्रेमी के साथ घरवालों की अनुमति नहीं है। उससे शादी हो जाती है तो लवस्टोरी समाप्त। यह ठीक है कि लता उसे भूली नही है, मगर भविष्य में बगैर नाते-रिश्तों के सर्वाइव करना दुष्कर होता है।

    व्यापारी के साथ उसके पास सुरक्षा है। विधवा मां का दिल भी नहीं दुखा सकती है। 1950 के दशक की मानसिकता भी हावी रहेगी। दो अलग विचारधाराओं में परस्पर आकर्षण होता है।

    मेरे ख्याल से लता जूते के व्यापारी से ही शादी करती है।
    प्रणाम

    जवाब देंहटाएं
  24. लो जी अभी तक शादी नही हुयी? बडी परेशानी मै डाल दिया, वेसे व्यापारी को अगर खाने पीने का ढंग आ जाये तो बात जम सकती है, क्योकि जो प्रेमी है घर से भाग कर भी शादी करने को तेयार है जो गलत बात है,भाभी का भाई??? चलिये जुतो के व्यापारी से ही करेगी यह लडकी शादी

    जवाब देंहटाएं
  25. kitaab to padhee hai....lekin yaad nahi aa raha ...fir se dhoondhtee hun...tab bata paaungee....

    जवाब देंहटाएं
  26. मेरे हिसाब से तो लता को अपने कॉलिज सहपाठी से शादी करनी चाहिए । बंदा समझदार और खुदगर्ज़ लगता है ।
    हालाँकि उसका भागकर शादी का विचार बचकाना लगता है ।

    दूसरे सम्बन्ध में कोई स्पार्क नहीं है और होगा भी नहीं , रिश्तेदार जो ठहरा । तीसरा इडियट है ।

    जवाब देंहटाएं
  27. लता & कॉलेज का सहपाठी = लडका कन्फ़्यूज़्ड है और बाद मे हो सकता है कि ऎसे ही कन्फ़्यूज्ड रहे..

    लता & बडा लेखक = सिर्फ़ लेखक होता तो सच्चा और संवेदनशील होता.. ’बडा’ और ’अवार्ड विनिग’ है तो हो सकता है कि नाम के लिये शब्दो को परोसता हो.. लेखक लोग बंधना भी नही चाहते, थोडे स्वछंद किस्म के होते हैं.. आज़ाद ख्याल वाले| लता को ही उसमे ढलना होगा, उसकी कल्पनाओ मे.. जमीन से जुडे होने मे कठिनाई होगी.. लेकिन उसके पास सपने होगे, बाते होगी ढेर सारी.. दोनो एक दूसरे को अच्छे से एक्स्प्लोर कर सकेगे..

    लता & जूतों की फैक्ट्री वाला लडका = लडका कर्मठ है.. अपने काम से बहुत प्यार करता है.. ज़मीन पर है.. मैनर्स हो या नही, ओर्गेनाईज़्ड तो लगता है..

    ज़मीन से जुडे रहना है तो जूतो वाला लडका सही है, और उसे वेल मैनर्ड बनाने का काम भी रहेगा.. शायद सुनेगा भी..

    castles in the air बनाने है तो लेखक साहब ठीक है... लेकिन ये सुनेगे कम और अपने फ़न्डे ज्यादा रखेगे..

    मै भी उलझन मे हू.. :(

    जवाब देंहटाएं
  28. एक सवाल : सची के ऊपर कहीं से कोई दबाव नहीं था.. फिर भी वो जाने अनजाने किसी का इंतजार कर रही थी.. क्यों? :)

    बाकी बात कहने से पहले मुझे ये किताब पढनी होगी.. बचपन से ही इसका नाम खूब सुना है.. :)

    जवाब देंहटाएं
  29. किताब के बारे में कहीं कुछ पढ़ा-सुना था ...किताब नहीं पढ़ी ....खेद है उचित जवाब नहीं दे पाऊंगा ..कभी पढ़ा तो शायद दे पाऊं ...?

    जवाब देंहटाएं
  30. http://pulkitpalak.blogspot.com/2010/05/blog-post.html जिस्‍म पर आंख।
    मैंने अपना ब्‍लोग बनाया है। कृपया मुझे मार्गदर्शन दीजिए।

    जवाब देंहटाएं
  31. mere khyal se lata ne bhabhi ke bhai se shadi ki hogi kyunki uska sath lata ko pasand tha sath hi dono ki ruchiyan bhi ek sithin aur jahan tak pyar ki baat hai to uski samajh mein bhi aa gaya tha ki bina paise ke kora pyar kya karega.........beshak apne pyar ke liye use dukh tha aur wo ro rahi thi kyunki use bhooli nahi thi magar phir bhi ek samajhdar ladki thi isliye usne bhabhi ke bhai ko hi chuna hoga.

    जवाब देंहटाएं
  32. एक लता ने तो मुझसे शादी की है ..किताब वाली लता का पता नहीँ ,वह तो किताब पढ़ने के बाद ही मालूम पड़ेगा ???????

    जवाब देंहटाएं

फिल्म The Wife और महिला लेखन पर बंदिश की कोशिशें

यह संयोग है कि मैंने कल फ़िल्म " The Wife " देखी और उसके बाद ही स्त्री दर्पण पर कार्यक्रम की रेकॉर्डिंग सुनी ,जिसमें सुधा अरोड़ा, मध...