सोमवार, 5 अगस्त 2019

मनाली का मनु मंदिर

पहली बार कोई टी वी शो देखते हुए लगा कि अगर पलकें झपकाई या गर्दन घुमाई तो कुछ मिस हो जाएगा . एपिक चैनल पर सभ्यता की शुरुआत से सम्बन्धित कार्यक्रम में मनाली का  मनु मंदिर दिखा रहे थे और विशेषज्ञों द्वारा मंदिर से जुडी कथा भी बता रहे थे .

अभी अभी ये मंदिर देख कर लौटी हूँ  ,स्मृतियाँ भी ताजा थीं. एक कथा के अनुसार ,'ब्रह्मा के एक दिन को कल्प कहते हैं। एक कल्प में 14 मनु हो जाते हैं। एक मनु के काल को मन्वन्तर कहते हैं। वर्तमान में वैवस्वत मनु (7वें मनु) हैं। वैवस्वत मनु एक दिन दक्षिण की एक नदी तृप्ति धारा में स्नान कर रहे थे तो एक छोटी मछली ,उनके हाथों में आ गई . वे मछली को नदी में छोड़ने लगे तो मछली ने कहा ,'मुझे बड़ी मछली खा जायेगी . आप मुझे अपने घर ले चलिए ' मनु ने मछली को घर में लाकर एक घड़े में डाल दिया . मछली बड़ी होने लगी तो उसे तालाब में और फिर समुद्र में डाल दिया .मछली ने कहा कि शीघ्र ही जल प्रलय आने वाला है ,आप एक नाव में सृष्टि के बीज लेकर बैठ जाइएगा .मैं नाव को सुरक्षित स्थान पर पहुंचा दूंगी . प्रलय आने पर मनु सप्तऋषियों को और सृष्टि के बीज लेकर नाव में बैठ गए और मछली ने हिमालय की  तरफ एक ऊँचे स्थान पर नाव को लेजाकर 'ह्म्प्ता पर्वत' से बांध दिया . प्रलय शांत होने पर सप्तऋषियों ने यज्ञ कर एक नारी का निर्माण किया ,जिसे श्रद्धा कहा गया .और मनु एवं श्रद्धा ने मानव सन्तति को आगे बढ़ाया . सप्तऋषियों  ने सृष्टि के बीज से सृष्टि की रचना की.
 मनाली शहर का नाम मनु + आलय = मनुआलय का ही अपभ्रंश है .

वहां, महाराष्ट्र के ही कुछ टूरिस्ट मिले उसमे से एक अंकल जी मंदिर के रखरखाव से बहुत नाराज़ थे .पुजारी से कह रहे थे कि वे लोग सिर्फ पैसे लेते हैं, पीतल की मूर्तियों को चमकाते नहीं .सारी मूर्तियाँ काली पड़ गई हैं . मूर्तियों पर  प्लास्टिक के फूल की माला चढ़ाई हुई थी ,वह भी उन्हें नागवार गुजर रहा था , बोल रहे थे ,"एक ताजे फूल की माला तो चढ़ा ही  सकते हैं आपलोग ,इतने पैसे मिलते हैं आपलोगों को '

आज की अंग्रेजी माध्यम से शिक्षा ग्रहण करती पीढ़ी Adam and Eve को ज्यादा जानती है . उनका प्रश्न था , "हम मनु की संतान हैं ,ऐसा कहा जाता है . मनु और श्रद्धा की सन्तान है ऐसा क्यूँ नहीं कहा जाता ? श्रद्धा का नाम Eve की  तरह बराबरी में क्यूँ नहीं लिया जाता ?"
अब इसका उत्तर तो मेरे पास  नहीं .
मंदिर के अंदर चित्र खींचने की मनाही थी .हमने सिर्फ बाहर से ही ली पर नेट पर अंदर की तस्वीरें भी मौजूद हैं .
मनु मंदिर ,वशिष्ठ मंदिर और हिडिम्बा मंदिर की कुछ तस्वीरें .




6 टिप्‍पणियां:

  1. इस टिप्पणी को लेखक द्वारा हटा दिया गया है.

    जवाब देंहटाएं
  2. बेहद खूबसूरत यात्रा वृत्तांत ।

    जवाब देंहटाएं
  3. आपकी इस प्रविष्टि् की चर्चा कल बुधवार (07-08-2019) को "पूरे भारतवर्ष में, होगा एक विधान" (चर्चा अंक- 3420) पर भी होगी।
    --
    सूचना देने का उद्देश्य है कि यदि किसी रचनाकार की प्रविष्टि का लिंक किसी स्थान पर लगाया जाये तो उसकी सूचना देना व्यवस्थापक का नैतिक कर्तव्य होता है।
    --
    हार्दिक शुभकामनाओं के साथ।
    सादर...!
    डॉ.रूपचन्द्र शास्त्री 'मयंक'

    जवाब देंहटाएं
  4. आदरणीय दीदी ,आपके द्वारा लिखी गई एक ब्लॉगपोस्ट की शानदार चर्चा जल्द ही ब्लॉग पंच के प्लेटफार्म पर की जाएगी और उसमें से बेस्ट ब्लॉग चुना जाएगा पाठको की कमेंट के आधार पर ।

    ब्लॉग पंच का उद्देश्य मात्र यही है कि आपके ब्लॉग पर अधिक पाठक आये और अच्छे पाठको को अच्छी पोस्ट पढ़ने मीले ।

    एक बार पधारकर आपकी अमूल्य कमेंट जरूर दे

    : Enoxo multimedia

    जवाब देंहटाएं
  5. " विडीओ ब्लॉग पंच में आपकी इस ब्लॉगपोस्ट की शानदार चर्चा ब्लॉग पंच पार्ट 2 के एपिसोड में की गई है । "

    " जिसमे हमने 5 ब्लॉग लिंक पर चर्चा की है और उसमें से बेस्ट ब्लॉग चुना जाएगा पाठको के द्वारा वहाँ पर की गई कमेंट के आधार पर । आपको बताना हमारा फर्ज है की चर्चा की गई 5 लिंक में से एक ब्लॉग आपका भी है । तो कीजिये अपनो के साथ इस वीडियो ब्लॉग की लिंक शेयर और जीतिए बेस्ट ब्लॉगर का ब्लॉग पंच "

    " ब्लॉग पंच का उद्देश्य मात्र यही है कि आपके ब्लॉग पर अधिक पाठक आये और अच्छे पाठको को अच्छी पोस्ट पढ़ने मीले । "

    एक बार पधारकर आपकी अमूल्य कमेंट जरूर दे

    आपका अपना
    Enoxo multimedia

    जवाब देंहटाएं

फिल्म The Wife और महिला लेखन पर बंदिश की कोशिशें

यह संयोग है कि मैंने कल फ़िल्म " The Wife " देखी और उसके बाद ही स्त्री दर्पण पर कार्यक्रम की रेकॉर्डिंग सुनी ,जिसमें सुधा अरोड़ा, मध...