आजकल टी.वी. और अखबारों में एक ही खबर सुर्ख़ियों में है...'मैच फिक्सिंग '
पाकिस्तान के खिलाड़ियों की छुपी कारस्तानियाँ जग-जाहिर हो रही हैं. ऐसे में जब किसी खबर पर नज़र पड़ती है कि किसी खिलाड़ी ने प्रलोभन को कैसे ठुकराया तो मन खुश हो जाता है...और उस पर वो खिलाड़ी भारतीय हो और फिर पसंदीदा इरफ़ान पठान हो...फिर तो क्या बात है.
MId Day अखबार के रविवारीय संस्करण में एक खबर पढ़ी. जिसे यहाँ बांटने का मन हो आया.
मोहम्मद आसिफ एवं इरफ़ान पठान में कई सारी बातें सामान्य हैं. दोनों ही समाज के आर्थिक रूप से कमजोर वर्ग से हैं. इरफ़ान ने बड़ौदा की गलियों में क्रिकेट खेलना सीखा और आसिफ ने शेखुपुरा जैसे छोटे से शहर में. दोनों ने अपनी मेहनत, लगन और प्रतिभा के बल पर अपने देश की राष्ट्रीय टीम में जगह पायी. लेकिन समानताएं यहीं समाप्त हो गयीं.
आसिफ, ने जहाँ 'मजहर माज़ीद' के दिए लालच के सामने घुटने टेक दिए. (दरअसल घुटने नहीं...अपने पाँव बढ़ा दिए नो बॉल के लिए :)) वहीँ इरफ़ान खान ने अपने पैर मजबूती से जमीन पर ही जमाये रखे (और पौपिंग क्रीज़ के अंदर भी ) और किसी भी तरह के प्रलोभन की तरफ देखने से भी इनकार कर दिया.
ICC के अनुसार जब इरफ़ान पठान लन्दन में थे. एक अजनबी व्यक्ति हमेशा, उनसे होटल की लौबी में मिलने आता और खुद को उनका अनन्य प्रशंसक बताता. अक्सर "मैच फिक्सर ' किसी भी खिलाड़ी को अप्रोच करने का यही तरीका अपनाते हैं.
कुछ दिनों की 'हलो', 'हाय' के बाद उक्त प्रशंसक ने इरफ़ान को क्रिकेट से सम्बंधित बहुत सारी सामग्री ,जूते, क्रिकेट पैड, ग्लब्स वगैरह भिजवाये जो यूरोपियन मार्केट के हिसाब से भी कई लाख के थे. और साथ में यह सन्देश भेजा कि 'एक प्रशंसक की तरफ से यह एक सप्रेम भेंट है'
इरफ़ान यह देख बिलकुल घबरा गए और तुरंत ही यह बात एक सीनियर खिलाड़ी को बतायी. उस सीनियर खिलाड़ी ने उन्हें यह बात , टीम के मैनेजर को रिपोर्ट करने को कही. और 'टीम मैनेजर' ने इसकी रिपोर्ट ICC को कर दी. इरफ़ान पठान ने वह सारी भेंट वापस कर दी. ICC की anti corruption unit को यह रिपोर्ट देने के बाद क्या कार्यवाही की गयी.यह प्रकाश में नहीं आया. पर यह तो सच है इरफ़ान पठान की ईमानदारी ने उन्हें एक भयंकर दलदल में फंसने से बचा लिया वरना यही सब कुछ होता जो आज उन खिलाड़ियों एक साथ हो रहा है.
'मिड डे' अखबार ने ICC की anti corruption unit को इस सम्बन्ध में एक मेल भेजा पर उनलोगों ने कोई भी जानकारी देने से इनकार कर दिया. क्यूंकि मामले की गोपनीयता बनाए रखनी होती है.
इरफ़ान पठान अभी सिडनी में अपनी एक चोट का इलाज़ करवा रहें हैं .BCCI ने ही भेजा है उन्हें.उनके CT scan और MRI रिपोर्ट देख Dr. John Orchard ( sports physician ) ने भारतीय टीम के Physio (Paul Close ) को बताया कि इरफ़ान पठान को इलाज़ के लिए कुछ दिन और सिडनी में रहना पड़ेगा. इरफ़ान पठान ने इस घटना को अस्वीकार नहीं किया पर आगे कुछ बताने से यह कर इनकार कर दिया कि इतनी दूर से फोन पर बताना संभव नहीं और उन्हें कुछ बताने से पहले BCCI की सलाह भी लेनी पड़ेगी.
आगे जो भी कार्यवाई हुई हो लेकिन ,इरफ़ान पठान ने लालच के सामने सर नहीं झुका कर हम भारतीयों का सर जरूर गर्व से ऊँचा कर दिया है.
(वैसे इरफ़ान के लिए यह ऑस्ट्रेलिया प्रवास , रुचिकर ही होगा क्यूंकि उनकी मंगेतर 'शिवानी देव' ऑस्ट्रेलिया की ही रहने वाली हैं और दोनों बहुत जल्द ही बड़ौदा में विवाह सूत्र में बंधने वाले हैं )
(कृपया अपनी प्रतिक्रिया में किसी देश विशेष को भला-बुरा कहने से परहेज़ करें )

कुछ बात है कि हस्ती मिटटी नहीं हमारी
ReplyDeleteसदियों रहा है दुश्मन दौरे जहाँ हमारा..
शायद यही वजह हो..कि अभी भी हिंदुस्तानियों में अपने फ़र्ज़ और देशप्रेम की भावना बाकि है.
अरे वाह……………यही तो हिन्दुस्तान की मिट्टी की बात है जो कुछ भी गलत करने से रोकती है।
ReplyDeleteतभी तो कहते हैं -------मेरा देश महान
शाबाश इरफान! सावधानी हटी, दुर्घटना घटी स्लोगन का रखा आपने ध्यान...और बढ़ाया देश का सम्मान...।
ReplyDeleteक्रिकेट के बारे में इतने सारे नकारात्मक खबरों के बीच चलो कुछ तो सकारात्मक खबर मिली। अच्छा लगता है ऐसी उत्साहवर्धक खबरें जब पढ़ने मिलती हैं वरना तो इस तरह की खबरें छापना लगता है अखबार वालों ने बंद कर दिया है।
ReplyDelete(ऐसा नहीं है कि अच्छी बातें दुनिया में नहीं होती, लेकिन उस पर अब ध्यान कम ही अखबार दे पाते हैं)
खबर को साझा करने के लिए धन्यवाद।
प्रलोभन ऐसी चीज़ है जो बड़ो बड़ो के ईमान को डिगा जाती है. इरफ़ान पठान इस काजल की कोठरी से पाक साफ निकल आये , साधुवाद के पात्र है और हम उनको, उनकी भविष्य में होने वाली शादी की अग्रिम शुभकामनाये देते है.
ReplyDeleteआज जब हर कोई वो काम कर रहा है जो उसे नहीं करना चाहिए.. ऐसे में इरफ़ान ने अपने कर्त्तव्य को बखूबी समझा और निभाया. इसके लिए वो प्रशंसा का पात्र है.
ReplyDeleteirfaan shuru se mujeh pasand rahe hai apne attitude ke kaaran. gareebee se aage nikalkar chamakne waalo ke liye vo ek udaharan hai.
ReplyDeleteएकदम खरा बयान है आपका... देस बिसेस के बारे में कहना हमको भी उचित नहीं लगता है... लेकिन एगो बात कहे बिना नहीं रह पा रहे हैं..आसा है छमा कर देंगी... इरफान का ई देस का सर ऊँचा करने वाला कारनामा हो सकता है कि केतना लोगो के लिए मामूली घटना हो, केतना लोग दू चार दिन बाह्बाही करके भुला देंगे... लेकिन एकबार कल्पना कीजिए कि इरफान ऊ प्रलोभन सुइकार कर लेता अऊर पकड़ा जाता तो हमरे एहाँ का लोग उसको पूरा सम्प्रदाय बिसेस के खिलाफ बिरोध बना देता अऊर इसपर रोज चर्चा भी होता अऊर इसको लोग भुलाता भी नहीं.
ReplyDeleteरश्मि जी...
ReplyDeleteवाह....आपने यह आलेख लिख कर हमारा सर गर्व से ऊँचा कर दिया है....इस प्रकार के आचरण से पठान ने खुद को एक सच्चा भारतीय साबित कर दिया है....ईश्वर उन्हें जल्द अच्छा करे और वो पुनः हमारी टीम में शामिल हो सकें....
दीपक....
भ्रष्टाचार व्याप्त होते खेल में यह खबर ठंडी हवा का झोंके जैसा है।
ReplyDeleteअच्छी खबर के लिए आभार ...ऐसे लेखों से इमानदारी को बढ़ावा मिलता है ...
ReplyDeleteदेश का सिर गर्व से ऊँचा करने के बारे में हमारे नेता भी सोचें ...
irfaan jaisa koi nahi...! hum dua karte hei vo jaldi field par loutein.
ReplyDeleteमुझे गर्व है भारतीय होने पर।
ReplyDeleteइरफ़ान पठान की टीम में वापसी का इंतजार है ।
ReplyDeleteबेशक अच्छा खलाड़ी है , और इंसान भी ।
मुझे नहीं मालूम था ये...अच्छा लगा जान कर...
ReplyDeleteइरफ़ान पठान मेरे फेवरिट क्रिकेटर में से एक हैं, अलग बात है की आजकल फॉर्म में नहीं हैं.
इरफ़ान खान का धन्यवाद, लेकिन क्या सभी भारतिया खिलाडी इरफ़ान खान है? जो कभी हारते है तो कभी एक रन के लिये संस्पेंस बना देते है.... पता नही , लेकिन कईयो पर हमे शक है,इस लिये हम किसी भी बात नही करते.
ReplyDeletei am feeling proud.
ReplyDeletethanks.
WWW.CHANDERKSONI.BLOGSPOT.COM
इस खबर को शेयर करने के लिये शुक्रिया ।
ReplyDeletesatish pancham ji se 1oo% sehmat hu...
ReplyDeleteshukriya
अच्छा लगा इरफान के विषय में जानकर. उम्मीद की किरण बाकी रहती है.
ReplyDeleteभारत का धर्म पैसा नहीं है और ना ही व्यक्तिगत चिंतन। हम हमेशा समाज के लिए जीते हैं अत: जो भी खिलाडी भारतीय संस्कारों से संस्कारित है वह कभी भी पैसे के कारण ऐसे कृत्य नहीं करेगा। अच्छी पोस्ट बधाई।
ReplyDeleteमेरा भारत महान! ...........
ReplyDeletethanks.. i was not aware abt this earlier...
ReplyDeleteI like this
कृपया अपनी प्रतिक्रिया में किसी देश विशेष को भला-बुरा कहने से परहेज़ करें.. :)
ाच्छी खबर है जय हिन्द।
ReplyDeleteऐसी सकारात्मक और सच्ची खबरे का जिक्र ज्यादा से ज्यादा होना चाहिय अगर हर इन्सान ऐसे प्रलोभनों को ठुकरा दे तो क्या भ्रष्टाचार दम नहीं तोड़देगा भारत में ?
ReplyDeleteऐसी ईमानदारी ,और देश के लिए प्रतिबध्धिता ही इन्सान का कद बढाती है और देश का गौरव बरकरार रखती है |
एक गर्व की खबर को सुन्दर विचारो के साथ सबके साथ बाँटने का आभार |
बहुत अच्छी बात से परिचित कराया, ये तो ईमान की बात है इसमें देश का कोई दोष नहीं. हर जगह हर तरह के लोग हैं. वैसे ये हमारे लिए फख्र की बात है और इरफान इसके लिए बधाई के पात्र है.
ReplyDeleteise kahte hain apne desh kee aan baan shaan
ReplyDeleteएक अच्छी और सकारात्मक पोस्ट. पढ़कर अच्छा लगा और ये भी अच्छा लगा कि आपने इसे इतने बेहतर तरीके से प्रस्तुत किया.
ReplyDeleteandhere mei roshni, cricket ko bechne walo ke beech mei isko bachane wale andhere mei roshni kee tarah hai, jo is khel ke ujale ko barkaraar rakh rahe hai
ReplyDeletegood post & inspirational post
मुझे आपकी इस पोस्ट में सबसे अच्छी बात यह लगी कि आपने यह आगाह किया किसी देश विशेष की आलोचना करने से बचें। और उससे भी अच्छी बात यह लगी कि टिप्पणीकारों ने उसका ध्यान रखा। आपको,सबको बधाई। और इरफान तो हैं ही ऐसे। और वह कहीं भी हो सकते हैं और लालच में आने वाले भी कहीं भी हो सकते हैं। सच तो यह है कि वह देश के नाम से तय नहीं होता। अंदर के ईमान से तय होता है। वरना हमारे देश में भी क्रिकेटर इस आरोप की सजा भुगत रहे हैं।
ReplyDeleteBahut sundar post---acchha laga padhkar.
ReplyDeletePoonam
अच्छी लोग अच्छी बातें !
ReplyDeleteअच्छी पोस्ट. अनुकरणीय काम किया है पठान ने.
ReplyDeleteगहन अन्धकार और निराशा के पलों में इतनी सुखद घटना मन को आल्हादित कर गयी ! वरना तो देश में व्याप्त भ्रष्टाचार की खबरों ने आम इंसान को तोड़ कर रख दिया है ! देश के आकाश में इरफ़ान सदैव ध्रुव तारे की तरह चमकते रहें यही कामना है ! सार्थक आलेख के लिए बधाई !
ReplyDeleteजिस देश में भ्रष्टाचार का बोलबाला है , इरफ़ान पठान का लालच के आगे ना झुकना प्रशंसनीय है और उससे भी ज्यादा अच्छा लगा तुम्हारा इस पर लिखना ...
ReplyDeleteहजार निराशाओं में एक उम्मीद की कारण जहाँ नजर आये , नजर वहां टिकायें ...रौशनी यूँ ही फैलाती रहें ..!
बहुत अच्छा लगा देशप्रेम से भरी पोस्ट देखकर ... आज जहाँ देश में बहुत सी जगह देशप्रेम की भावना सबसे बाद में दिखती है वहीँ ऐसे ही सकारात्मकता की जरुरत है, जिससे हर एक देशवासी सबसे पहले देश के बारे में कुछ भी करने से पहले सोचे कि इसका हमारे देश की आन-बान-शान पर क्या असर होगा..
ReplyDeleteबहुत सार्थक, शिक्षाप्रद आलेख ... आभार
यही तरीका है स्वयं को बचाए रखने का और यही अपेक्षित भी हई।
ReplyDeleteघुघूती बासूती
सच यही है कि बाज़ार ने क्या खेल, क्या फिल्म, क्या कला…सबको दूषित कर दिया है…ऐसे में जिन्होंने न्यूनतम नैतिकता बचाये रखी है…उनको सलाम!
ReplyDeleteओह ! मुझे ये खबर नहीं पता थी, पर वैसे ही इरफ़ान मुझे बहुत पसंद है. अच्छे-बुरे लोग हर जगह होते हैं और इन्हीं भले लोगों से दुनिया में इमानदारी कायम है.
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