Monday, August 9, 2010

जंगल में मंगल


मुम्बई की बारिश तो मशहूर हो चली है. बाहर से आकर बसे लोग भी नही डरते तो यहाँ की आबोहवा में पले-बढे बच्चे क्या डरेंगे. मेरी बिल्डिंग में एक लड़का है जॉन मैथ्यू  . बहुत ही एडवेंचरस. आम मुम्बईया लड़कों से बिलकुल अलग.  बस पढ़ना  और जी भर कर खेलना ,यही दो शौक हैं उसके. फुटबाल का दीवाना है. अच्छी बात ये है कि पढने में भी उतना ही अच्छा है, उसे B Sc .में फर्स्ट क्लास मिली,अभी Geology  में M Sc कर रहा  है.

अक्सर मेरे बेटे भी उसके साथ, सुबह सुबह कभी फुटबाल खेलने जाते हैं कभी साइक्लिंग के लिए तो कभी ट्रेकिंग पर.

दो दिनों से घनघोर बारिश हो रही थी, और उसमे इनलोगों ने नेशनल पार्क जाने का प्लान बनाया. नेशनल पार्क,इस कंक्रीट जंगल के मध्य बसा एक घनघोर जंगल है,जहाँ कई जंगली जानवर विचरते  हैं और रात में अक्सर तेंदुआ निकलता है जो कुछ  लोगों का शिकार भी कर चुका है.

मैं दुविधा में थी, एक मन होता मना कर दूँ,फिर ये भी सोचती...रोक कर रखना कहाँ तक ठीक है? पति की भी रजामंदी थी.सो बिल्डिंग के पांच बच्चे बिना किसी एस्कॉर्ट के सुबह छः बजे निकल पड़े. मुझे लगा ग्यारह-बारह बजे तक लौट  आयेंगे .पर आने में ३ बजा दिए इनलोगों ने. उस बारिश में कभी नेटवर्क ना मिले और कभी वे सेल ना उठायें , वैसे भी  उस मस्ती में फोन उठाने का ख़याल भी कहाँ रहता? इन सबका रिंगटोन भी है.
My mom is calling back
For no reason
Just to chat...  

आपलोग भी जरा देखिए इनकी मस्ती

सुनील,अंकुर,अपूर्व और जौन
पता नहीं क्या शैतानी चल रही है
.
जौन और अंकुर ..
सुनील

उनके हमशक्ल भी मिले.
और रास्ते में मिला अजगर
बहता पानी..
घना जंगल
घनघोर बारिश
सुनील,अंकुर,सुशील,अपूर्व 
 और अब विडियो भी, क्वालिटी तो अच्छी नहीं...बच्चों का कामचलाऊ सेल है...:)
video

एक हफ्ते के लिए मैं मुंबई से बाहर जा रही हूँ.....नेट से दूर रहनेवाली हूँ, मुझे मिस करना ...आई मीन मेरे कमेंट्स को मिस करियेगा  सबलोग...:)...अब जबरदस्ती ही सही...इतना कहने का हक़ तो ब्लॉगजगत पर बनता है...बाय बाय

31 comments:

  1. कोई नहीं जी कोई नई ....हम काम चला लेंगे १ हफ्ता ..और ज्यादा ही मिस करेंगे तो आपका कहानी ब्लॉग तो है ही :) ..आप जाओ और एन्जॉय करो और ढेर सारी तस्वीरें और रोचक वृतांत लेकर आओ हमारे लिए.
    हाँ रिंग टोन बड़ी मस्त है मेरी तरफ से हाई फाइव देना बच्चों को :)..

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  2. बहुत अच्छा वर्णन किया है, मुंबई से दूर रहने वाले इसको अधिक एन्जॉय करेंगे. और तुम जाकर एन्जॉय करो.

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  3. come back soon!! अरे ई त अंगरेजी में लिखा गया... चलिए,जल्दी आइए...

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  4. ज़रूर मिस करेंगे !

    बच्चों को इस तरह भेजने में चिंता तो होती ही है !

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  5. सचित्र रिपोर्ट बढ़िया लगी .....अब जब कह ही रही हो तो मिस तो करेंगे :):) नहीं वाकई करेंगे पर बात केवल एक सप्ताह की है ....काम चल ही जायेगा :):)

    all the best ...

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  6. बच्चो को अकेला ओर इस तरह से भेजना सच मैडर लगता है,मां बाप पर सब छोड देती है कि पापा से पूछो... ओर बाप भी डरता है, मना नही करना चाहता लेकिन दिल मै डर भी होता है, बच्चो को शरार्ते बहुत पसंद आई, सभी चित्र बहुत अच्छॆ लगे विडियो देख कर बचपन याद आ गया, आप को यात्रा के लिये शुभकामनाऎ

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  7. सबसे पहले इन बच्चों को बहुत सारी बधाई इसलिये कि इनके स्वाभाविक विकास क्रम को आपने श्ब्द व चित्र दिये और आपको शुभकामनाये कि आप हमे मिस न करें >>>>>

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  8. सचित्र रिपोर्ट बढ़िया लगी .

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  9. सुन्दर ,सचित्र एवं रोचक वार्ता के लिये बधाई ! आप सच में बहुत उदार और अच्छी माँ हैं ! बच्चों की भावनाओं का ख्याल कर अपने मन की ऊहापोह पर नियंत्रण रख लेती हैं ! बच्चे भी बहुत गर्व करते होंगे अपनी daring mom पर ! तस्वीरें बहुत खूबसूरत हैं ! आपको मिस तो ज़रूर करेंगे लेकिन यह सोच कर संतोष कर लेंगे कि आप जहाँ हैं किसी और अधिक एवं महत्वपूर्ण प्रयोजन से हैं ! इसलिए कोई बात नहीं ! शुभकामनाएं और जल्दी आइयेगा !

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  10. इन चारों युवाओं में मुझे अपनी आवारगी दिखायी पड़ती है। मत रोकिये, यह उनके व्यक्तित्व का सुगढ़ पक्ष है।

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  11. hmmmm.. ye sabse mahnga comment hai mera.. samandar ki lahron pe baitha.. raat bhar soye bina jo likh raha hoon.. :P

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  12. इन बच्चों को देखकर यही गाना याद आ रहा है-
    गम पे धूल डालो, कहकहा लगा लो,
    तुम जो मुस्कुरा दो, ज़िंदगानी है,
    कांटों की नगरिया राजधानी है,
    ये होठ सूखे-सूखे, ये गाल रुखे-रुखे,
    यारों नीलाम करो सुस्ती, हमसे उधार ले लो मस्ती,
    मस्ती का नाम तंदरुस्ती...

    जय हिंद...

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  13. बच्चो का साहस देखकर अपने घुम्म्कड़ी के दिन याद आये. और माता पिता का विश्वास उनका आत्म विश्वास बढाता है. all the best .

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  14. आपने बच्चों को जाने की इजाजत देकर बहुत अच्छा किया जी
    हम भी ऐसे ही घूमते थे

    प्रणाम

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  15. बहुत अच्छा वर्णन !!
    जल्दी आइए...ढेर सारी तस्वीरें और रोचक वृतांत लेकर !!

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  16. अच्छा वर्णन ...अच्छी तस्वीरें ...
    वाकई जंगल में मंगल हो गया है ...
    बच्चों को बहुत दुलार ..
    मिस तो करेंगे ही तुम्हे ...जल्दी लौटना ...!

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  17. शहर के बीचों बीच इतना घना जंगल देख कर मज़ा आ गया ।
    हमें भी बड़ा शौक है ऐसे एडवेंचर्स का ।

    हम तो आपको कल ही मिस करेंगे ।

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  18. बहादुर मां के बहादु बच्चे!! सचमुच एडवेंचरस था ये ट्रिप.
    वैसे ये बता के जाना चाहिए न कि कहां जा रही हो?? हम तो तुम्हें रोज़ ही मिस करते हैं :(

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  19. आपको बच्चो को भयानक जंगल में नहीं जाने देना चाहिए था.
    अगर उन्हें कुछ हो जाता तो कौन जिम्मेदार होता.??????
    (ये मेरे निजी-व्यक्तिगत विचार हैं, कृपया मेरी बात का बुरा ना माने.)
    धन्यवाद.
    WWW.CHANDERKSONI.BLOGSPOT.COM

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  20. रश्मि जी अच्छा वर्णन / जल्दी आयें लौट के

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  21. जाओ जाओ मगर हफ्ते बाद लौट आना छुट्टी बढेगी नही। रोचक पोस्ट है बधाई। शुभकामनायें

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  22. bahut hi badiya ...
    jungal mein to sach mein hi mangal kar diya....

    Meri Nayi Kavita Padne Ke Liye Blog Par Swaagat hai aapka......

    A Silent Silence : Ye Paisa..

    Banned Area News : 'Lafangey Parindey' has been a physically challenging film: Deepika

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  23. मस्त लगे फोटोज..
    और आप आईये, जल्दी आईये...लेकिन जब आप आएँगी तो हम १ हफ्ते के लिए नेट से बाहर चले जायेंगे...
    खैर, come back soon :) :)

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  24. बच्चो को कुछ हो जाता तो......कौन जिम्मेवार होता.????
    मिस तो आपको करेंगे ही, इसमें कोई दो राय नहीं हैं.
    (वैसे तो मुझे याद आ रहा हैं कि-"मैं आपकी इस पोस्ट पर कमेन्ट कर चुका हूँ. लेकिन, क्योंकि मुझे कमेन्ट नज़र नहीं आ रही हैं इसलिए पुन: कमेन्ट कर रहा हूँ.")
    धन्यवाद.
    WWW.CHANDERKSONI.BLOGSPOT.COM

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  25. बच्‍चों की निर्भीकता अच्‍छी लगी, उन्‍हें मेरा आशीष। देश की समस्‍याओं के प्रति भी जागरूक और निर्भिक बने रहें, ऐसी शुभकामनाएं।

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  26. कंक्रीट जंगलों से ये जंगल-नेशनल पार्क आमतौर पर अधिक सुरक्षित होता है, लेकिन जंगल से परिचय और आत्‍मीयता जरूर होनी चाहिए. जिम कार्बेट का लिखा पढ़कर कभी अपने परिवेश में भी जंगल का रोमांच महसूस होता है और जंगल के साथ अजनबीपन के बजाय सहजीवन का रिश्‍ता बनाने में यह पढ़ना मददगार होता है. शाबास, युवा साथियों. बक-अप.

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  27. जंगल में सच्चा मंगल - मचा धमाल !

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  28. रश्मि जी...

    जंगल में मंगल....वाह खूबसूरत चित्रों से सजी इस पोस्ट ने हमारे ह्रदय को बरसात की मस्ती से सराबोर कर दिया....
    सुन्दर.....

    दीपक...

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  29. रोचक तस्वीरें ... आज कल ऐसे पल कहाँ मिलते हैं ... ये तो बहुत खुशी की बात है की रोज़ रोज़ के जीवन से कुछ पल बच्चे इस तरह की मस्ती के लिए निकालें ....

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  30. bachcho ke hausle ko samarthan dene se unkaavikaas hotaa hee hai.

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मनाली का रास्ता भी खराब और मूड उस से ज्यादा खराब . पक्की सडक तो देखने को भी नहीं थी .बहुत दूर तक बस पत्थरों भरा कच्चा  रास्ता. दो जगह ...